दुनियाभर में चर्चा थी कि गर्मी बढ़ते ही कोरोना का असर कुछ कम हो सकता है

 दुनियाभर में चर्चा थी कि गर्मी बढ़ते ही कोरोना का असर कुछ कम हो सकता है। लेकिन यह दिख नहीं रहा है। कोरोनावायरस पहले 90 दिन तक सबसे ज्यादा ठंडे मौसम वाले देशों में फैला। यहीं सबसे ज्यादा मौतें भी हुईं। लेकिन पिछले 12 दिन से इसके ट्रेंड में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना ठंडे देशों के साथ अब गर्म जलवायु वाले देशों में भी दोगुना तेजी से फैल रहा है। लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व एशिया जहां गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और औसत तापमान 20 डिग्री से लेकर 40 डिग्री तक बना हुआ है। इसके बावजूद यहां कुछ देशों में कोरोना के केस ढाई दिन, चार दिन और सात दिन में ही दोगुना हो जा रहे हैं। भारत में एक अप्रैल से 12 अप्रैल तक औसत तापमान 32 डिग्री रहा है, यहां इन 12 दिनों में 7800 से ज्यादा केस बढ़े हैं। इसी तरह ब्राजील में एक से 12 अप्रैल तक औसत तापमान 26 डिग्री रहा है, यहां 12 दिनों में 16 हजार से ज्यादा केस बढ़े हैं।